- हमारे साथ वही हुआ, वही हो रहा है और वही होगा जिसके हम पात्र हैं.
- अगर आप वही करेंगे जो करते आये हैं तो आपको वही मिलेगा जो मिलता आया है.
- जिसने अपने जीवन में जितने ही अधिक लोगों से परस्पर लाभ का समीकरण पैदा कर लिया है, वह उतना ही सुखी है.
- अगर आप अधिक धनवान बनना चाहते हैं तो अधिक लोगों की सेवा करें.
- गरीब पैदा होना लाचारी हो सकती है, लेकिन गरीबी में मर जाना महापाप है.
- दुनिया में ऐसी कोई ऊंचाई नहीं जिसे आप छू नहीं सकते. बस अपने लक्ष्य के मुताबिक प्रयास करने की जरूरत है.
गुरुवार, 30 सितंबर 2010
एक रसभरी जिंदगी हमारी भी
एक मित्र का पत्र आया है. कहते हैं-- तकदीर हमारा साथ क्यों नहीं देती? अब मैं एक बार फिर याद दिलाऊं कि तकदीर तो हमने ही लिखी है ना! फिर किसी और को दोष क्यों देते हो? याद रखो--
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