श्री गुरूजी

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शुक्रवार, 11 जून 2010

मुश्किल यह है कि लोग धंधे और बिजनेस के फर्क को नहीं समझ रहे

लगभग सारे ही लोग धंधे को भी बिजनेस कहने की आदत डाल चुके हैं. लेकिन इनमें बहुत फर्क है. 
  • धंधे में पैसा और समय, दोनों ही धंधा करनेवाले व्यक्ति का होता है. बिजनेस में ये दोनों ही महत्वपूर्ण तत्व अन्य लोग लगाते हैं.
  • जिसका धन होता है, जोखिम भी तो उसी का होगा. इसलिए धंधे में असीमित जोखिम होता है. इसके मुकाबले बिजनेस में बहुत सारे लोगों का थोड़ा-थोड़ा धन लगा होता है, तो जोखिम भी बँटी हुई होती है. 
  • धंधे में करनेवाले को दिन-रात एक करके काम करना पड़ता है. बिजनेस में बहुत सारे लोग अपना समय एक-दूसरे के लिए लगाते हैं. अतः सभी को सीमित मात्रा में ही काम करने की जरूरत पड़ती है.
  • डाक्टर, वकील और ऐसे ही अन्य पेशेवर भी धंधे के वर्ग में आते हैं.
  • बिजनेस नेतृत्व यानि दिशा देने का काम है, जबकि धंधा रोजमर्रा की माथापच्ची का काम होता है.
  • धंधे की कमाई की एक सीमा है. बिजनेस की कमाई सैद्धांतिक रूप से असीमित होती है. 

1 टिप्पणी:

  1. अच्छा है आप ब्लॉग की दुनिया में आये, आपका स्वागत है |
    आपसे एक प्रश्न है - मैंने नया बिज़नस प्रारंभ किया है (कृपा www.learnbywatch.com को visit करें), इसको बढ़ने का कोई उपाय आप बता सकते हैं?
    Learn By Watch

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