श्री गुरूजी

श्री गुरूजी
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सोमवार, 19 अप्रैल 2010

आदर्श वाक्य

  • हमारे साथ वही हुआ, वही हो रहा है और वही होगा जिसके हम पात्र हैं. 
  • अगर आप वही करेंगे जो करते आये हैं तो आपको वही मिलेगा जो मिलता आया है. 
  • जिसने अपने जीवन में जितना अधिक सहलाग  (लीवरेज) पैदा कर लिया है, वह उतना ही सुखी है. 
  • अगर आप अधिक धनवान बनना चाहते हैं तो अधिक लोगों कि सेवा करें.
  • गरीब पैदा होना लाचारी हो सकती है, लेकिन गरीबी में मर जाना महापाप है.
  • ऐसी कोई ऊंचाई दुनिया में नहीं है जिसे आप छू नहीं सकते.

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